सीमित गन्ना भुगतान में से कटेगी लोन की रकम

मुरादाबाद 10 हजार किसानों पर 4 करोड़ की रकम

मुरादाबाद। गन्ना समिति के 12 हजार किसानों पर समिति का चार करोड़ रुपये का लोन है। नोटिस जारी होने के बाद भी किसान लोन जमा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। गन्ना समिति के अधिकारियों का कहना है कि अब गन्ने का सीजन शुरू हो गया है। जैसे ही संबंधित किसानों के खाते में गन्ना मूल्य भुगतान आएगा तो समिति पहले खातों से लोन की रकम काटेगी।
गन्ना समिति के विशेष सचिव मनोज कुमार कोंट ने बताया कि मुरादाबाद समिति के माध्यम से क्षेत्र के करीब 62 हजार किसान सदस्य हैं। जो समिति के माध्यम से क्षेत्र की चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। बगैर समिति में सट्टे हुए यह किसी भी दशा में किसान चीनी मिलों में सीधे गन्ना नहीं बेच सकते हैं। इन किसानों में से 12 हजार किसानों पर चार करोड़ का लोन है। उनका कहना है कि जैसे ही संबंधित किसान पर्ची मिलने पर संबंधित चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति करेगा और उसका गन्ना भुगतान समिति के खाते में आएगा तो ऐसे में गन्ना समिति के अधिकारी संबंधित किसान को भुगतान करने से पहले उसके लोन की रकम को काटेंगे। उच्चाधिकारियों के आदेश पर समिति के अधिकारियों ने प्रक्रिया को शुरू कर दिया है।

इस तरह से काटा लोन तो करेंगे आंदोलन।

भाकियू कार्यकर्ताओं ने गन्ना समिति के अधिकारियों की इस कार्यशैली को किसान विरोधी बताया है। तहसील अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष कविराज का कहना है कि जिन किसानों ने लोन ले रखा है। उनसे लोन की वसूली किया जाना अच्छा प्रयास है। किसानों के इस लोन को गन्ना समिति के अधिकारी सीजन की अंतिम पर्चियों से काटे। क्योंकि अभी किसान को पैसे की जरूरत है। गन्ना सीजन की शुरूआत में यदि लोन काटने का प्रयास किया तो आंदोलन होगा। इस प्रक्रिया को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एसपी के निर्देश पर पुलिस वालों ने 12 घंटों में किया 160 हिस्ट्रीशीटर का सत्यापन

मुरादाबाद । एसपी आदित्य लांग्हे के निर्देश पर जनपद में हिस्ट्रीशीटर अभियुक्तों की चैकिंग, सत्यापन कराया गया। 12 घंटे में 160 हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन किया गया।
अपराध एंव अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही के लिए जनपद पुलिस द्वारा निरंतर सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार अपर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार के पर्यवेक्षण में जनपद पुलिस द्वारा 12 घंटे में अभियान चलाकर हिस्ट्रीशीटर, अपराधियों के निवास आदि स्थलों पर पहुंचकर उनका सत्यापन किया। उनकी वास्तविक स्थिति जानी गयी। थानों के रजिस्टर नं- 8 की प्रविष्टियों को अपडेट किया गया। अभियान के दौरान पुलिस द्वारा हिस्ट्रीशीटरों से उनकी वर्तमान स्थिति, रोजगार, रहन सहन व मोबाइल नंबर के बारे में जानकारी हासिल की। हिस्ट्रीशीटर की मोबाइल से नवीन फोटो, उनका वर्तमान प्रचलित मोबाइल नंबर लेते हुए जीविका के श्रोत आदि के बारे में जानकारी की गई। अभियान के दौरान कुल 160 हिस्ट्रीशीटर अभियुक्तों का सत्यापन किया गया। जिनमें 110 अपने निवास स्थान पर मौजूद मिले। 35 हिस्ट्रीशीटर वर्तमान में विभिन्न जेलों में बंद हैं। अभियान के दौरान 08 हिस्ट्रीशीटर की मृत्यु हो चुकी है। उनका खाका तैयार कर हिस्ट्रीशीट नष्ट करने की कार्यवाही की जा रही है। साथ ही जो हिस्ट्रीशीटर रोजगार के लिये बाहर चले गये हैं, उनके परिजनों से उनके मोबाइल नंबर प्राप्त कर उनसे वार्ता की जा रही है।

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